रांची – झारखंड की राजधानी रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में मंगलवार को महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के अंतर्गत नवनियुक्त बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों और महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कुल 299 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपा, जिनमें 62 बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) और 237 महिला पर्यवेक्षिकाएं शामिल हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय के बाद इतने बड़े पैमाने पर नियुक्तियां होना राज्य के लिए गर्व की बात है। इससे न केवल विभाग की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी तेजी आएगी।
उन्होंने महिलाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि आज महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर समाज और राज्य के विकास में अहम योगदान दे रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी नवनियुक्त महिलाएं पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगी।
मुख्यमंत्री ने कुपोषण की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि झारखंड में अभी भी बड़ी संख्या में बच्चे इससे प्रभावित हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों से कुपोषण को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लेने का आह्वान किया और इसे समाज के लिए अभिशाप बताया।
उन्होंने विशेष रूप से आदिवासी बहुल क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई बार महिलाएं अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को खुलकर नहीं बता पातीं, जिससे छोटी समस्याएं भी गंभीर रूप ले लेती हैं। ऐसे में नव नियुक्त कर्मियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें।
मुख्यमंत्री ने दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए और मजबूत इच्छाशक्ति से हर चुनौती को पार किया जा सकता है।
साथ ही उन्होंने विभागीय कार्यों में पारदर्शिता, समन्वय और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी सेविकाओं, बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों और महिला पर्यवेक्षिकाओं के कार्यों का नियमित मूल्यांकन किया जाए तथा उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मियों से आह्वान किया कि वे स्वयं को सरकार का अभिन्न अंग मानते हुए पूरी ईमानदारी, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत है और भविष्य में और भी सशक्त योजनाएं लागू की जाएंगी।
इस अवसर पर मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विभागीय सचिव उमा शंकर सिंह, निदेशक किरण कुमार पासी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, नवनियुक्त अभ्यर्थी एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
