देवघर :– विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर देवघर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। 30 जुलाई से शुरू होने वाले इस मेले को लेकर उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने विभागीय अधिकारियों के साथ बाघमारा बस स्टैंड, दुम्मा से खिजुरिया कांवरिया पथ, सरासनी आध्यात्मिक भवन और बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की।
श्रद्धालुओं की सुविधा पर डीसी ने अधिकारियों को दिया निर्देश
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पेयजल, साफ-सफाई, चिकित्सा, प्रकाश व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने देने के निर्देश दिए।
उपायुक्त बोले- बेहतर सुविधाएं हमारी प्राथमिकता
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने कहा कि श्रावणी मेला में आने वाले देवतुल्य कांवरियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम से सुखद अनुभव लेकर अपने घर लौटें।
10 हजार से अधिक पुलिस बल रहेगा तैनात
देवघर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने बताया कि इस वर्ष श्रावणी मेला के दौरान अधिकारियों और कांस्टेबलों सहित 10 हजार से अधिक पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए पूरे कांवरिया मार्ग और मेला क्षेत्र में 21 पुलिस आउटपोस्ट (OP) स्थापित किए जा रहे हैं।
ट्रैफिक व्यवस्था के लिए 13 विशेष आउटपोस्ट
एसपी ने बताया कि श्रद्धालुओं और वाहनों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए 13 ट्रैफिक आउटपोस्ट भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती रहेगी।
ATS, NDRF और बॉम्ब स्क्वाड भी रहेंगे अलर्ट
श्रावणी मेला के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS), बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड, डॉग स्क्वाड, NDRF तथा दंगा नियंत्रण टीम (Riot Control) को भी तैनात किया जाएगा। ये विशेष टीमें पूरे मेला क्षेत्र और कांवरिया मार्ग पर लगातार निगरानी रखेंगी।
सुरक्षित और सुगम जलार्पण का लक्ष्य : एसपी
एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया कि इस बार कावड़िया की सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण को लेकर व्यापक तैयारी की गई है, ताकि सावन माह में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित तरीके से बाबा बैद्यनाथ का जलार्पण कर सकें।
