देवघर :– गोड्डा लोकसभा के बीजेपी सांसद डॉ. निशिकांत दुबे की पहल पर शुरू की गई “नमो एम्बुलेंस सेवा” एक बार फिर चर्चा में है। सेवा शुरू होने के समय एम्बुलेंस में लगे लाइफ सपोर्टिंग इक्यूपमेंट को लेकर सवाल उठे थे। आरोप लगे थे कि कई मशीनें पुरानी हैं। इस पर सांसद ने स्पष्ट किया था कि एम्बुलेंस किसी सरकारी एजेंसी की नहीं है और मशीनों की गुणवत्ता का आकलन केवल उनके नए या पुराने होने से नहीं किया जा सकता।

अब सेवा शुरू होने के महज सात दिन बाद नमो एम्बुलेंस में आग लगने की घटना ने पूरे मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। मोहनपुर थाना क्षेत्र के देवघर-गोड्डा मुख्य मार्ग पर मरीज को लेकर जा रही एम्बुलेंस में कथित तौर पर बैटरी में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए मरीज को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक एम्बुलेंस का बड़ा हिस्सा जल चुका था।

अब बड़ा सवाल यह है कि जब श्रद्धालुओं और मरीजों की सुविधा के लिए शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी सेवा को हाईटेक और भरोसेमंद बताया गया था, तो फिर शुरुआत के कुछ ही दिनों में पहले उपकरणों पर सवाल और अब एम्बुलेंस में आग लगने जैसी घटना कैसे हो गई? फिलहाल मामले की जांच जारी है।

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