बांका :– संवाददाता, शंभूगंज प्रखंड क्षेत्र के पौकरी गांव के समीप बदुआ नदी के सुरक्षा बांध के पास गुरुवार की शाम एक खंडित मूर्ति मिलने से इलाके में चर्चा तेज हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, मूर्ति भगवान बुद्ध की प्रतिमा जैसी दिखाई दे रही है। करीब एक फीट लंबी और लगभग चार किलोग्राम वजनी यह प्रतिमा तीन हिस्सों में खंडित है। ग्रामीणों के बीच इसे अष्टधातु की प्रतिमा होने की चर्चा है, हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। जानकारी के अनुसार, पौकरी और गढ़ी मोहनपुर गांव के बीच बदुआ नदी के सुरक्षा बांध के समीप कुछ बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर बांध किनारे एक गड्ढे में पड़ी कठोर वस्तु पर गई। पास जाकर देखने पर बच्चों को वहां खंडित प्रतिमा मिली। बच्चे प्रतिमा को अपने घर ले गए और इसकी जानकारी परिजनों को दी। इसके बाद प्रतिमा मिलने की खबर देखते ही देखते पूरे गांव में फैल गई है।   

मूर्ति मिलने के बाद ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोग इसे गांव में स्थापित करने की बात कह रहे थे, जबकि कुछ लोगों ने इसके चोरी की प्रतिमा होने की आशंका जताई। प्रतिमा को बेशकीमती बताए जाने के बाद ग्रामीणों के बीच इसकी कीमत और हिस्सेदारी को लेकर भी चर्चा होने लगी।

इसी बीच ग्रामीणों ने घटना की सूचना शंभूगंज थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रतिमा को अपने कब्जे में लेकर थाने ले गई।

दारोगा राजकुमार प्रसाद ने बताया कि प्रतिमा को जब्त कर थाना लाया गया है और इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी गई है। वहीं, सीओ जुगनू रानी ने बताया कि बरामद प्रतिमा पत्थर की है या अष्टधातु की, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले की जानकारी पुरातत्व विभाग को भी दी गई है।

पहले भी मिल चुकी है चोरी की प्रतिमा

स्थानीय जानकारी के अनुसार, इससे पहले भी मासूमगंज मंदिर से चोरी हुई अष्टधातु की प्रतिमा पौकरी गांव के समीप बदुआ नदी से बरामद की गई थी। इसके अलावा वर्ष 2016 में मालडीह स्थित ठाकुरबाड़ी से भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता की तीन अष्टधातु की प्रतिमाएं चोरी होने की बात भी सामने आई थी।

फिलहाल पुलिस द्वारा जब्त की प्रतिमा की वास्तविक धातु, प्राचीनता और उसके स्रोत की जांच का इंतजार है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह प्रतिमा वास्तव में अष्टधातु की है या किसी अन्य धातु अथवा पत्थर से बनी हुई है।

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