बांका:–प्रदीप कुमार (संवाददाता) जिले के पकरिया पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-4 स्थित रामपुर दाढ़ी गांव में पिछले एक वर्ष से पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों का सोमवार को गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने पीएचईडी (PHED) विभाग की कार्यशैली के खिलाफ जलमीनार के समीप प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो विभागीय कार्यालय का घेराव कर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

एक साल से नहीं मिल रहा नल-जल योजना का लाभ:–ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही के कारण गांव के करीब पांच दर्जन से अधिक घरों तक पिछले एक वर्ष से नल-जल योजना का लाभ नहीं पहुंच रहा है। लोगों को मजबूरन गांव के स्कूल मैदान से पानी लाकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है।

गंदा पानी पहुंचने से बढ़ी परेशानी:–प्रदर्शन कर रहे विजय पांडेय, गुंजन पांडेय, विलास रजक, अनिरुद्ध रजक, विजय शर्मा, शोभा देवी, प्रमिला देवी, रंजू देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वार्ड का क्षेत्रफल बड़ा होने के कारण गांव में दो जलमीनार बनाए गए हैं। इनमें से एक शिवालय के समीप स्थित जलमीनार का ढक्कन आंधी में उड़ गया था, जिसे अब तक नहीं बदला गया है। इसके कारण करीब दो दर्जन घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर की सफाई और पूजा-अर्चना भी इसी दूषित पानी से करनी पड़ रही है।

दूसरी जलमीनार से भी बाधित है जलापूर्ति :–ग्रामीणों के अनुसार अशोक सिंह के घर के समीप स्थित दूसरी जलमीनार से भी गांव के अधिकांश हिस्सों में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। इससे बड़ी संख्या में परिवारों को रोजाना पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।

कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई:–ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या से विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लगातार उपेक्षा से नाराज ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है।

क्या बोले कनीय अभियंता?

पीएचईडी विभाग के कनीय अभियंता सुबोध कुमार ने बताया कि पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समस्या का जल्द समाधान कर जलापूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *