सहरसा: –शिवकुमार (संवाददाता) बिहार के सहरसा जिले के बिहरा थाना क्षेत्र के तुलसियाही गांव के एक साधारण परिवार ने ऐसी मिसाल पेश की है, जो हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। गांव में छोटी-सी किराना दुकान चलाने वाले रोहित कुमार के तीनों बच्चों—रजनीश कुमार, साक्षी कुमारी और प्रहलाद कुमार—ने एक साथ NEET 2026 परीक्षा उत्तीर्ण कर इतिहास रच दिया है। सबसे खास बात यह रही कि तीनों भाई-बहनों ने कोटा या पटना जैसे बड़े कोचिंग हब का रुख नहीं किया, बल्कि सहरसा में रहकर ही मेहनत और लगन के दम पर यह उपलब्धि हासिल की।
रजनीश ने हासिल की शानदार रैंक:–सबसे बड़े भाई रजनीश कुमार ने तीसरे प्रयास में 633 अंक प्राप्त किए। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 3122 तथा ओबीसी श्रेणी में 1173वीं रैंक हासिल की। उनका परसेंटाइल 99.8425917 रहा।
वही बहन साक्षी कुमारी ने भी तीसरे प्रयास में 601 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक 9762 और ओबीसी श्रेणी में 4340वीं रैंक हासिल की। उनका परसेंटाइल 99.5092242 रहा। साक्षी का सपना भविष्य में बाल रोग विशेषज्ञ (पीडियाट्रिशियन) बनने का है।
सबसे छोटे भाई प्रहलाद कुमार ने अपने पहले ही प्रयास में 565 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 26751 तथा ओबीसी श्रेणी में 12878वीं रैंक प्राप्त की। उनका परसेंटाइल 98.6615297 रहा। प्रहलाद का लक्ष्य ऑर्थोपेडिक सर्जन बनकर समाज की सेवा करना है।
गांव से शुरू हुआ सफर :–तीनों भाई-बहनों ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही पूरी की। रजनीश और साक्षी ने सीबीएसई बोर्ड से मैट्रिक तथा बिहार बोर्ड से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की, जबकि प्रहलाद ने मैट्रिक और इंटर दोनों बिहार बोर्ड से उत्तीर्ण किए।
आर्थिक चुनौतियों के बावजूद नहीं टूटा हौसला:–परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के बावजूद पिता रोहित कुमार ने बच्चों की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। वहीं, माता पूनम देवी ने कहा कि उन्हें अपने बच्चों की मेहनत और लगन पर हमेशा भरोसा था और आज उनकी मेहनत रंग लाई है। साक्षी कुमारी ने बताया कि उन्होंने सहरसा स्थित प्रगति क्लासेज कोचिंग सेंटर और स्वाध्याय के माध्यम से तैयारी की। वहीं, रजनीश कुमार ने कहा कि आर्थिक अभाव कभी सफलता की राह में बाधा नहीं बनता, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए।
गांव में जश्न का माहौल:–तीनों भाई-बहनों की सफलता से पूरे तुलसियाही गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों ने परिवार को बधाई देते हुए इसे जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।यक उपलब्धि बताया।
