सहरसा: संवाददाता: शिव कुमार । मिथिला के प्रसिद्ध मखाने को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने की दिशा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। हाउस ऑफ मिथिला की अत्याधुनिक उत्पादन इकाई का शुभारंभ किसानों के हाथों कराया गया। इस अनूठी पहल के जरिए संस्था ने किसानों को अपने विकास का केंद्र बिंदु होने का संदेश दिया।
उद्घाटन समारोह में 100 से अधिक स्थानीय किसान, ग्रामीण युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और इस पहल को किसानों तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के दौरान उत्पादन इकाई में स्थापित आधुनिक मशीनों का सफल ट्रायल रन किया गया। परीक्षण के बाद आधिकारिक रूप से उत्पादन कार्य शुरू कर दिया गया। यहां ‘नैवेद्यम’ ब्रांड के तहत उच्च गुणवत्ता वाले मखाना उत्पाद तैयार किए जाएंगे, जिन्हें देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की योजना है।
हाउस ऑफ मिथिला के प्रतिनिधियों ने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल मखाना उत्पादों का विपणन करना नहीं, बल्कि ‘लोकल टू ग्लोबल’ की अवधारणा को साकार करते हुए मिथिला के किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना, उनकी आय बढ़ाना और क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पदाधिकारियों ने कहा कि यह उत्पादन इकाई ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आने वाले समय में इस परियोजना से बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
इस अवसर पर उपस्थित किसानों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि हाउस ऑफ मिथिला के प्रयासों से मिथिला के मखाने को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।
हाउस ऑफ मिथिला की यह नई उत्पादन इकाई न केवल मखाना उद्योग को नई मजबूती देगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
